सुविधा में दुविधा
*सुविधा में दुविधा कैसे* ?
जानने के लिये पूरा पढ़े 👇🏻
*समुद्र के किनारे जब एक लहर आयी तो एक बच्चे का चप्पल ही अपने साथ बहा ले गयी.. बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है "समुद्र_चोर_है"🏄🏻♂️*
*उसी समुद्र के एक, दूसरे किनारे कुछ मछुवारा बहुत सारी मछलियाँ पकड़ लेता है. ...*
*वह उसी रेत पर लिखता है "समुद्र_मेरा_पालनहार है"🚣🏻♂️*
*एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है....उसकी मां रेत पर लिखती है,*
*"समुद्र_हत्यारा है"🤽🏻♂️*
*एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था...उसे एक बड़े सीप में एक अनमोल मोती मिल गया, वह रेत पर लिखता है*
*"समुद्र_दानी_है"🚣🏻♂️*
.... *अचानक एक बड़ी लहर आती है और सारे लिखा मिटा कर चली जाती है😁😁😁*
*मतलब समंदर को कहीं कोई फर्क नहीं पड़ा कि, लोगों की क्या राय हैं उस के बारे में ,अपनी लहरों में मस्त रहा आता है.. 👍*
अगर *विशाल* समुद्र बनना है तो किसी की बातों पर ध्यान ना दें....अपने उफान और शांति समुंदर की भाँती अपने हिसाब से तय करे।*
*लोगों का क्या है .... उनकी राय कंडीशन के हिसाब से बदलती रहती है 😊चाय मक्खी में गिरे तो चाय फेंक देते हैं और देशी घी मे गिरे तो मक्खी को फेंक देते हैं 🍨*
*जो जितनी "सुविधा" में है*
*वो उतनी "दुविधा" में है।*
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